अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान

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अलकेश साहू SCN न्यूज़ झल्लार

भैंसदेही। नगर में बिजली कटौती का सिलसिला लगातार जारी है। जिससे नगरवासी परेशान है। प्रतिदिन किसी न किसी क्षेत्र में कटौती घंटो तक की जाती है। भीषण गर्मी के दिनों में बिजली गुल होना परेशानी का सबब है। जिले में तापमान 43 से 44 डिग्री के बीच चल रहा है। बिना कूलर पंखे के रहना मुश्किल हो गया है। बिजली गुल होने पर लोगो को गर्मी से परेशान होना पड़ता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है कि बिजली कटौती हुई तो कार्यवाही होगी लेकिन अधिकारी सीएम के आदेशों की भी धज्जियां उड़ा रहे है। बिजली कंपनी जब चाहे सप्लाई बंद कर देती है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

रात में भी ब्लैकआउट – नगर में कई बार रात के समय भी बिजली कटौती की जाती है। कब किस समय बिजली गुल हो जाएगी इसका कोई ठिकाना नहीं है। रात में बिजली कटौती होती है तो लोग गर्मी से बचने के लिए छतों पर चले जाते है। घंटों तक छत पर टहल कर रात बितानी पड़ती है।
ओवरलोड के कारण जल रहे ट्र्रांसफार्मर- ओवरलोड के कारण कई बार ट्रांसफार्मर में आग लग जाती, जिससे विद्युत वितरण कंपनी को नुकसान भी उठाना पड़ता है। एक ट्रांसफार्मर पर कई कनेक्शन हो जाने से  ओवरलोड की समस्या बनी रहती है। कई बार अच्छा से बिजली सप्लाई नहीं होने के कारण विद्युत उपकरण भी जल जाते है जिसके कारण लोगो को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

मेंटनेंस के नाम पर कटौती – विद्युत वितरण कंपनी पूरे वर्ष भर मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती करती है इसके बावजूद बिजली कटौती का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मेंटेनेंस पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। छुटपुट बारिश और हल्की हवा चलने पर भी शहर की बिजली सप्लाई बंद हो जाती है घंटों तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं होती है। शहर सहित ग्रामीण अंचलों में बिजली कटौती बिजली विभाग के मेंटेनेंस की पोल खोल रही है।
शिकायत तो बहुत, जल्द समाधान नहीं – विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली सप्लाई बंद होने पर टोल फ्री शिकायत नंबर दिया है, लेकिन शिकायत के बावजूद घंटों तक बिजली समस्या का समाधान नहीं होता। कई बार तो इस टोल फ्री नंबर पर फोन ही नहीं लग पाता है। फोन लग जाने के बावजूद भी कस्टमर केयर के कर्मचारी बिजली कटौती संबंधित कोई जानकारी नहीं दे पाते हैं।
मुख्यालय पर नहीं रहते साहब – विद्युत व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय पर न रहकर बैतूल में निवास करते है। ऐसे में कोई दिक्कत आने पर अधिकारी को फोन भी लगाया जाता है, लेकिन वे फोन रिसीव नहीं करते है. जबकि शासन के नियमानुसार सभी अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालय पर रहने के दिशा निर्देश दिये गये है।

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