क्या है ‘सीविजिल’ ऐप कैसे काम करेगा

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मनोहर

भोपाल – चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्ष व् पारदर्शिता पूर्वक चुनाव प्रक्रिया संपन्न करने हेतु इस बार टेक्नोलाजी का भरपूर प्रयोग किया जा रहा है , एक और एवीएम मशीन के साथ वीवीपैट जोड़ गड़बड़ी की संभावना को दूर किया गया है , तो वंही मोबाईल एप्प के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने आयोग द्वारा ‘सीविजिल’ ऐप लांच किया गया है जिसका प्रयोग सहज और आसान है. जिसे गूगल प्ले स्टोर से निशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है।  यह ऐप उन्हीं स्थानों पर चालू होगा, जहां चुनाव की घोषणा की गई है. लेकिन, ऐप का बीटा वर्जन लोगों तथा चुनाव कर्मियों के लिए उपलब्ध होगा, ताकि ये लोग इसकी विशेषताओं से परिचित हो सकें और डमी डाटा भेजने का प्रयास कर सकें.

इंटरनेट माध्यम से चलने वाले इस एप्प की विशेषता है –

1 ‘सीविजिल’ चुनाव वाले राज्यों में किसी भी व्यक्ति को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है.
2 यह अनुमति निर्वाचन घोषणा की तिथि से प्रभावी होती है और मतदान की एक दिन बाद तक बनी रहती है.
3 नागरिक इस ऐप का इस्तेमाल करके कदाचार की घटना देखने के मिनट भर में घटना की रिपोर्ट कर सकते हैं और नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए पीठासीन अधिकारी के कार्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी.
4 जागरूक नागरिक को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दृश्य वाली केवल एक तस्वीर क्लिक करनी है या अधिक से अधिक दो मिनट की अवधि की वीडियो रिकॉर्ड करनी है.
5 स्वचालित स्थान मानचित्रण का कार्य ऐप द्वारा भौगोलिक सूचना प्रणाली के उपयोग से किया जाएगा.
6 ऐप के माध्यम से सफलतापूर्वक प्रस्तुति के बाद जागरूक नागरिक को एक यूनिक आईडी प्राप्त होता है, ताकि वह अपने मोबाइल पर आगे की कार्रवाई को जान सके और सूचना प्राप्त कर सके.
7 इस तरह एक नागरिक उल्लंघन की अनेक रिपोर्ट कर सकते हैं और प्रत्येक रिपोर्ट के लिए उन्हें यूनिक आईडी दिया जाएगा. शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.

कैसे काम करेगा –

जीपीएस बेस्ड इस आधुनिक मोबाईल एप्प  में शिकायत दर्ज होने के बाद सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को प्राप्त होती है, जहां से इसे फील्ड इकाई को सौंपा जाता है. एक फील्ड इकाई में फ्लाइंग स्क्वायड स्टैटिक निगरानी दल, आरक्षित दल होते हैं.
प्रत्येक फील्ड इकाई के पास एक जीआईएस आधारित मोबाइल एप्लीकेशन होगा, जिसे ‘सीविजिल डिस्पैचर’ कहा जाता है. यह मोबाइल एप्लीकेशन इकाई को स्थान पर सीधे पहुंचने और कार्रवाई करने की अनुमति देता है.
फील्ड इकाई द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद यह ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ के रूप में संदेश भेजता है और प्रासंगिक दस्तावेज ‘सीविजिल डिस्पैचर’ के माध्यम से संबंधित पीठासीन अधिकारी को उनके निर्णय और निष्पादन के लिए अपलोड करता है.
यदि कदाचार की घटना सही पाई जाती है तो आगे की कार्रवाई के लिए सूचना भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय शिकायत पोर्टल को भेजी जाती है और जागरूक नागरिक को 100 मिनट के अंदर की गई कार्रवाई की सूचना दी जाती है. इस ऐप में दुरुपयोग रोकने की अंतरनिहित विशेषताएं हैं. यह ऐप केवल आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के बारे में शिकायत प्राप्त करता है.
तस्वीर लेने या वीडियो बनाने के बाद यूजर्स को रिपोर्ट करने के लिए पांच मिनट का समय मिलेगा.
किसी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए ऐप पहले से रिपोर्ट किए गए या पहले ली गई तस्वीरों या वीडियो अपलोड करने की अनुमति नहीं देगा.
इस ऐप में ‘सीविजिल’ ऐप का इस्तेमाल करते हुए फोटो और रिकॉर्डेड वीडियो को फोटो गैलरी में सेव करने की सुविधा नहीं होगी. यह ऐप चुनाव वाले राज्यों से नागरिक के बाहर निकलते ही निष्क्रिय हो जाएगा.

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